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1509 धान की क्वालिटी ने बढ़ाया बासमती का बाजार, धान भाव में बन सकती है अच्छी तेज़ी

बासमती धान और चावल बाजार में इस साल अच्छी तेजी रहने का अनुमान है। इन दिनों धान उत्पादक मंडियों में बासमती की सभी वैरायटियों की आवक तेजी से बढ़ रही है और बाजार भी तेज हो रहा है। सबसे पहले बात कर लेते हैं धान बाजार की। 1509 की आवक अब धीरे- धीरे कम हो रही है लेकिन 1121, 1718, 1401, पीबी-1 आदि की आवक तेज होने लगी है। 1509 का बाजार शुरू से ही तेजी की तरफ है और अब भी भाव 3200- 3600 तक बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल जो बासमती 1509 आई है उसका कुकिंग रिजल्ट बहुत शानदार है और इसीलिए इसमें खरीदारी बढ़ रही है हालांकि 1509 की फसल साईज काफी बड़ी है इसके बावजूद इसके भाव में कमी नहीं आ रही है। 1121 इन दिनों 3800-4100 रुपए और 1718 वैरायटी 3400- 3600 के आसपास भाव बना हुआ है। राईस मिलें अच्छे स्तर पर खरीददारी कर रही हैं।

बासमती धान चावल के भाव

बात करें बासमती चावल की तो 1509 का सैला चावल 6200-6250 रुपए और इसका स्टीम चावल 7000- 7150 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 1718 का भाव भी सैला में 74 रुपए के आसपास है। 1121 की नई फसल का अभी चावल नहीं बना है और अगर बना है तो मिलर्स ने स्टॉक किया है। अभी तक कोई विदेशी मांग सामने नहीं आई है लेकिन निर्यातक व्यापारियों को उम्मीद है कि नवम्बर से पहले या दूसरे सप्ताह से ईरान या सऊदी सहित अन्य देशों से मांग निकल सकती है।

फिलहाल यमन ने लगभग एक हजार टन चावल ट्रायल के तौर पर लेने की खबर आई है। बाजार तेज रहने का एक कारण यह भी है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में बासमती की फसल लगभग समाप्त हो गई है। पाकिस्तान हर साल लगभग 10 लाख टन से अधिक बासमती का निर्यात करता है।

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दूसरी बड़ी वज़ह यह है कि उत्पादन का कम होना। पिछले दो सालों से बासमती धान की डिमांड के अनुपात में उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। यही बड़ी वज़ह है कि भाव निरंतर बढ़ रहे है। कम उत्पादन होने के कारण मिलों के पास धान का बफर स्टॉक जीरो हो गया था। इसलिए चालू सीज़न की शुरुआत में 1509 धान के भाव 4300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँच गए थे। चालू सीज़न मे बासमती की बुवाई का रकबा जरूर बढ़ा है, लेकिन पिछले दिनों आयी बरसात के कारण बासमती की फ़सल में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

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