HomeFarmingwheat farming गेहूं में अधिक कल्ले और पैदावार बढ़ाने के लिए अपनाये...

wheat farming गेहूं में अधिक कल्ले और पैदावार बढ़ाने के लिए अपनाये यह तरीखा

भारत का wheat की farmer और उत्पादन में प्रमुख स्थान है. उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा इसके मुख्य उत्पादक राज्य हैं. wheat की अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए कई बातों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है.

अगर किसान wheat की उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक विधि से बुवाई करते हैं, तो इसके उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है. wheat की farmer पर काफी अनुसंधान हो रहा है, साथ ही उन्नत किस्मों के लिए farmer की नई विधियां निकाली जा रही हैं, इसलिए आवश्यक है कि हर किसान को wheat की farmer की नई और सही जानकारी हो. इससे वह wheat की अधिक से अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. आज हम अपने किसान भाईयों को wheat की नई और उन्नत farmer संबंधी जानकारी देने जा रहे हैं, इसलिए इस लेख को अंत तक पढ़ते रहें.

wheat की अधिक पैदावार के लिए निम्न बातों पर विशेष ध्यान दें –


अधिक से अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए किसान अपने क्षेत्र के लिए अनुमोदित उन्नत किस्म के बीज का चुनाव करें.

किसानों को अधिक पैदावार लेने के लिए शुद्ध प्रमाणित बीज उगाना चाहिए.

इसे भी पढ़ें Custom Hiring Center – 2021 योजना खरीदें 50 लाख के कृषि यंत्र सरकार देगी 80% तक सब्सिडी

खेत में पौधों की उचित संख्या के लिए आवश्यक है कि wheat का जमाव कम से कम 85 प्रतिशत हो.

धान की कटाई के बाद पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चहिए. इसके बाद 2 से 3 हल्की जुताई करनी चाहिए.

गेहूं में अधिक पैदाबार बढ़ने के लिए सबसे मुख्य गेहूं की फसल में पहली सिंचाई है जो गेहूं के उग जाने के 18 – 22 दिन बाद की जाती है। यह मिटटी के ऊपर निर्भर करता है. यह सिंचाई सबसे महत्पूर्ण होती है।

पहली सिंचाई के लिए समय व खेत में नमी का महतवपूर्ण ध्यान रखना होता है। जब खेत में बहुत कम नमी हो तब पहली सिंचाई करना चाहिए।

ग्रुप से जुड़ें –

Telegram group Join Now

Whatsapp Group Join Now

पहली सिंचाई के दौरान गेहूं के खेत में अधिक पानी नहीं भरना चाहिए ऐसा होने से गेहू पीला पड़ने लगता है व फफूंद जनित रोग उत्पन्न होते है। जो किसी भी दवाई या खाद से ठीक नहीं होते। इसे गेहूं का गलना भी कहा जाता है जिसके बाद पौधा पीला हो जाता है और बढ़वार रुक जाती है जिसके फलस्वरूप उत्पादन कम होता है अतः अधिक उत्पादन के लिए खेत में पानी नहीं भरना चाहिए।

पहली सिंचाई के पहले फसल में उर्वरक खाद का जरूर उपयोग करें। जिसमे एक एकड़ में 25 से 35 किलो तक यूरिया व पोटास जिंक सलफेट का उपयोग करें साथ में plant growth promotor का उपयोग करें। इस से पौधे का अच्छे तरीखे से विकास होगा।

खेत में अगर खरपतवार दिखाई दे रहे है तो उनको ख़तम करने के लिए खरपतवार नाशी दवा का छिड़काव करें। अधिक खरपतवार होने से उत्पादन कम हो जाता है।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

close